INDIAN GODS : Technologies and Mysteries || VJ ||
Reality of TheINDIAN GODS
Technologies and Mysteries
(यह लेख शोध तथा तथ्यों से जुड़ा है इसमें उल्लेखित तथ्यो में पौराणिक कथाओं कहानियों को अंधविश्वास से हटकर विज्ञान से जोड़ा गया है ताकि घटनाओ को वास्तविकता से जोड़ा जा सके।
लेख का उद्देश्य किसी धर्म, जाति, संस्थान या किसी विशेष व्यक्ति की भावनाओ को ठेस पहुचाना नही है।)
विष्णु:
क्योकि आज हमे जो भी विष्णु के बारे में ज्ञात है वो सिर्फ विष्णु पुराण या अन्य धर्म ग्रंथो में उल्लेखित जानकारी से है और यह धर्म ग्रंथ देवताओ ने नही बल्कि मनुष्यो ने लिखे, और जो उन्होंने देखा वही उन्होंने लिखा,
पर क्या जो उन्होंने देखा वो वास्तविकता थी?
ये भी तो हो सकता है कि जो उस समय के मनुष्यों ने देखा उसे पर्याप्त जानकारी के अभाव में गलत समझ लिया गया।
ग्रंथो के अनुसार विष्णु हमेशा गरुड़ नामक पक्षी पर बैठकर आते थे, क्या वो सच मे एक पक्षी था या कोई आधुनिक अंतरिक्षयान,
विष्णु अन्तरिक्ष से आते थे और कोई पक्षी अन्तरिक्ष की यात्रा नही कर सकता ।
क्योकि उस समय मनुष्यो की जानकारी में सिर्फ पक्षी ही उड़ सकते थे,
तो क्या यह नही हो सकता कि जिस वाहन पर बैठ कर वो आते थे उसकी आकृति एक पक्षी की भांति थी,
जिसे मनुष्यो ने गरुड़ समझ लिया बल्कि वास्तविकता में वो एक अत्याधुनिक विमान था।
अगर ईसी तरह हम अन्य देवताओ की बात करे तो सभी देवताओं के पास अपना एक निश्चित वाहन होता था,
जिनकी सबकी आकृतियाँ अलग-अलग होती थी जिन्हें मनुष्यो ने अलग-अलग पशु पक्षी समझ लिया।
अगर आज की आम जिंदगी में देखे तो हम सब के पास भी अलग-अलग वाहन है तो क्या उस समय भी यही हुआ था।
तो क्या उस समय देवताओ का विज्ञान इतना उत्कृष्ट था कि उन्होंने अत्याधुनिक विमान बना रखे थे जो इतने बेमिसाल थे कि अंतरिक्ष की लंबी दूरिया भी कुछ ही समय मे पूरी कर लेते थे।
आज के विश्व की तकनीके सालो लगा देती है अंतरिक्ष की यात्रा में और क्या उस समय ये दूरिया चंद मिनटों में पूरी हो जाती थी।
क्योकि अगर आज के विज्ञान की दृष्टि से हम उस समय की घटनाओं को देखे तो यही हो सकता है।
जब किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती थी तो सभी देवता सर्वप्रथम विष्णु के पास ही जाते थे तथा हर आवश्यक कार्य उन्ही की सलाहनुसार किया जाता था
अर्थात विष्णु उस समय के उच्च अधिकारियो की श्रेणी में आते थे जो कि एक अच्छे सलाहकार भी थे तथा एक योद्धा भी जो समय आने पर युद्ध भी करते थे
हो सकता है इसीलिए उन्हें सृष्टि का संचालक कहा गया।
धर्म ग्रंथो के अनुसार विष्णु बैकुंठ लोक में रहते थे जो कि क्षीरसागर में था अर्थात पानी मे,
तो क्या उस समय देवताओ ने पानी मे भी घर बसा लिए थे।
ये हो सकता है ,आज का विज्ञान भी इस ओर अग्रसर है जिसके अंतर्गत आज कई देशों में पानी मे होटल है तथा कई देशों में समुद्र के अंदर से रास्ते बनाये गए है।
तो क्या वास्तविकता में विष्णु परग्रही थे,
जिनका निवास किसी अन्य ग्रह पर था,
जिनके ग्रह पर उस समय भी अंतरिक्षयात्रा के लायक विमान थे
और वो भी अत्यधिक रफ्तार वाले। जिनमे सवार होकर वो धरती पर आते थे।
परन्तु अब वो धरती पर क्यो नही आते
या हो सकता है कि आज भी वो धरती पर आते हो पर अब उन्होंने ऐसी तकनीको को विकसित कर लिया हो जिनकी वजह से पृथ्वी के मनुष्यों को उनके आने की भनक भी नही होती।
विष्णु और अन्य देवताओं से जुड़ी अनेको विचित्र घटनाये है जिन्हें अंधविश्वास से जोड़कर चमत्कार समझ लिया गया जिसे विज्ञान नकारता आ रहा है
परन्तु एक अलग वैज्ञानिक दृष्टिकोण से वे सभी घटनाये सम्भव है।
हम उस समय के खतरनाक हथियार जैसे सुदर्शन, ब्रह्मास्त्र आदि की भी चर्चा करेंगे।
Vijay Merotha
भगवान विष्णु को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है जिनके कारण ब्रह्मा की उत्पत्ति हुई और जिनसे सृष्टि का निर्माण हुआ,
पर क्या यही वास्तविकता है,
पर क्या जो उन्होंने देखा वो वास्तविकता थी?
ये भी तो हो सकता है कि जो उस समय के मनुष्यों ने देखा उसे पर्याप्त जानकारी के अभाव में गलत समझ लिया गया।
ग्रंथो के अनुसार विष्णु हमेशा गरुड़ नामक पक्षी पर बैठकर आते थे, क्या वो सच मे एक पक्षी था या कोई आधुनिक अंतरिक्षयान,
विष्णु अन्तरिक्ष से आते थे और कोई पक्षी अन्तरिक्ष की यात्रा नही कर सकता ।
क्योकि उस समय मनुष्यो की जानकारी में सिर्फ पक्षी ही उड़ सकते थे,
तो क्या यह नही हो सकता कि जिस वाहन पर बैठ कर वो आते थे उसकी आकृति एक पक्षी की भांति थी,
जिसे मनुष्यो ने गरुड़ समझ लिया बल्कि वास्तविकता में वो एक अत्याधुनिक विमान था।
अगर ईसी तरह हम अन्य देवताओ की बात करे तो सभी देवताओं के पास अपना एक निश्चित वाहन होता था,
जिनकी सबकी आकृतियाँ अलग-अलग होती थी जिन्हें मनुष्यो ने अलग-अलग पशु पक्षी समझ लिया।
अगर आज की आम जिंदगी में देखे तो हम सब के पास भी अलग-अलग वाहन है तो क्या उस समय भी यही हुआ था।
तो क्या उस समय देवताओ का विज्ञान इतना उत्कृष्ट था कि उन्होंने अत्याधुनिक विमान बना रखे थे जो इतने बेमिसाल थे कि अंतरिक्ष की लंबी दूरिया भी कुछ ही समय मे पूरी कर लेते थे।
आज के विश्व की तकनीके सालो लगा देती है अंतरिक्ष की यात्रा में और क्या उस समय ये दूरिया चंद मिनटों में पूरी हो जाती थी।
क्योकि अगर आज के विज्ञान की दृष्टि से हम उस समय की घटनाओं को देखे तो यही हो सकता है।
जब किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती थी तो सभी देवता सर्वप्रथम विष्णु के पास ही जाते थे तथा हर आवश्यक कार्य उन्ही की सलाहनुसार किया जाता था
अर्थात विष्णु उस समय के उच्च अधिकारियो की श्रेणी में आते थे जो कि एक अच्छे सलाहकार भी थे तथा एक योद्धा भी जो समय आने पर युद्ध भी करते थे
हो सकता है इसीलिए उन्हें सृष्टि का संचालक कहा गया।
धर्म ग्रंथो के अनुसार विष्णु बैकुंठ लोक में रहते थे जो कि क्षीरसागर में था अर्थात पानी मे,
तो क्या उस समय देवताओ ने पानी मे भी घर बसा लिए थे।
ये हो सकता है ,आज का विज्ञान भी इस ओर अग्रसर है जिसके अंतर्गत आज कई देशों में पानी मे होटल है तथा कई देशों में समुद्र के अंदर से रास्ते बनाये गए है।
तो क्या वास्तविकता में विष्णु परग्रही थे,
जिनका निवास किसी अन्य ग्रह पर था,
जिनके ग्रह पर उस समय भी अंतरिक्षयात्रा के लायक विमान थे
और वो भी अत्यधिक रफ्तार वाले। जिनमे सवार होकर वो धरती पर आते थे।
परन्तु अब वो धरती पर क्यो नही आते
या हो सकता है कि आज भी वो धरती पर आते हो पर अब उन्होंने ऐसी तकनीको को विकसित कर लिया हो जिनकी वजह से पृथ्वी के मनुष्यों को उनके आने की भनक भी नही होती।
विष्णु और अन्य देवताओं से जुड़ी अनेको विचित्र घटनाये है जिन्हें अंधविश्वास से जोड़कर चमत्कार समझ लिया गया जिसे विज्ञान नकारता आ रहा है
परन्तु एक अलग वैज्ञानिक दृष्टिकोण से वे सभी घटनाये सम्भव है।
हम उस समय के खतरनाक हथियार जैसे सुदर्शन, ब्रह्मास्त्र आदि की भी चर्चा करेंगे।
Vijay Merotha



Nice bhai lga rah
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