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ऐ ज़िन्दगी तू चल, में अभी आता हूं। VJ

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ऐ ज़िन्दगी तू चल, में अभी आता हूं.. चलते-चलते उसके साथ सफर में गिर जाता हूं  मज़बूर हु उसे कहने को, ऐ ज़िन्दगी तू चल, में अभी आता हूं। ज़िन्दगी की दौड़ मे आगे बढ़ने की होड़ मे परिवार, दोस्तो को पीछे छोड़ जाता हूं मज़बूर हु उसे कहने को, ऐ ज़िन्दगी तू चल, में अभी आता हूं। सफर के शुरुआत में ही मुह मोड़कर दिल उसका तोड़ आता हूं मज़बूर हु उसे कहने को, ऐ ज़िन्दगी तू चल, में अभी आता हूं। आगे निकलते ही, मुझे पुकारती है रुककर वही में उससे, झूठ बोल जाता हूं मज़बूर हु उसे कहने को, ऐ ज़िन्दगी तू चल, में अभी आता हूं। गिरता हु, संभलता हु मंज़िल की राह पर अकेला हु बहुत हुई ज़िन्दगी की नौकरी छोड़ इसे, वापस घर लौट जाता हूं मज़बूर हु उसे कहने को, ऐ ज़िन्दगी तू चल, में अभी आता हूं। ऐ ज़िन्दगी तू चल, में अभी आता हूं। ............................में  अभी आता हूं। | || VJ || ||  Vijay Merotha ||

||Jai Hind|| VJ...

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स्वतंत्रता दिवस 2019 जब एक फौजी सरहद से अपनी माँ को जंग से पहले एक खत लिखता है ... देश के लिए मर मिटने का मौका मुझे मिला है इसे बचाने का वीरो का यही सिलसिला रहा है सपूत तेरा जो में उस रण भूमि में जाऊंगा जान हथेली पर रखकर  वंदे मातरम गाऊंगा आंख उठाकर देखेगा जो उस दुश्मन को धूल चटाऊंगा बस रोना नही माँ अगर मर भी गया ,तो कर्ज़ चुकाने भारत माँ का फिर जन्म लेकर आऊंगा ... फिर जन्म लेकर आऊंगा .....

ARTICAL GANDHI By VIJAY MEROTHA

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ARTICAL GANDHI NATURAM GODSE RIGHT OR WRONG प्रस्तावना :- आर्टिकल गाँधी यह लेख मोहनदास करमचंद गांधी तथा नाथूराम गोडसे पर आधारित है इस लेख में महात्मा गांधी द्वारा किये गए कार्यो का साक्ष्यो के आधार पर राजनीतिक तथा धार्मिक विश्लेषण किया गया है साथ ही गांधी तथा गोडसे के बारे में एक सर्वे किया गया था जिसके बारे में निष्कर्ष में चर्चा होगी। लेख दो भागों में प्रकाशित होगा- भाग-1 महात्मा गांधी: सही या गलत भाग-2 नाथूराम गोडसे: सही या गलत (सर्वे में जनता द्वारा दिये गए मतो की चर्चा भाग-2 के निष्कर्ष में होगी) ( प्रकाशित लेख में लिखे गए तथ्य शोध, पुस्तको, लोगो के विचारों तथा मेरे स्वयं के विचारों पर आधारित है, लेख के माध्यम से हमारा उद्देश्य किसी की भी भावनाओ को ठेस पहुचाना तथा किसी व्यक्ति विशेष को नीचा दिखाना या उनपर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी करने का कतई नही है। ) भाग-1 ARTICAL GANDHI महात्मा गांधी: सही या गलत मोहनदास करमचंद गांधी पिता- करमचंद गांधी माता- पुतलीबाई जन्म- 2 अक्टूबर 1869 जन्म स्थान- पोरबंदर, काठियावाड़, गुजरात, भारत पेशा- वक़ील शिक्षा...

||~दिल का हाल~|| VJ ||

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इश्क ने तेरे हमे कातिल बना दिया, न जाने कितने फूलो का कत्ल किया हमने। तेरी वो हंसी , तेरी वो अदाए हर वक्त हमे तड़पाती है। सामने आते हो यू तो आंखे भी मदहोश हो जाती है। जब भी देखु तुझे दिल बस यही कहता है, क्या करूँ अब तेरा पास आने को जी चाहता है। तुम्हे भी बता दु  दिल अब मानता नही , बंदिश ये कोई सी भी जानता नही एक बार हमें जानकर तो देखो छा जाएंगे  हर सपने में तुम्हारे आ जाएंगे बस हर वक्त साथ निभाएंगे, हर वक्त साथ निभाएंगे।।।।।।।। VJ... Vijay Merotha

।। गुरु ।। ( VJ )

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VJ... जिन्होंने हमे जीना सिखाया, जिंदगी की हर मुश्किल से लड़ना सिखाया... कभी हँसाया तो कभी रुलाया, पर जीवन के हर मोड़ पर हमारा साथ निभाया... पड़ने की तो इच्छा ही नही थी पर उन्होंने जबरदस्ती पढ़ाया,... ऐसे ही है हमारे गुरु.... जिन्होंने हर मुकाम के लिए काबिल बनाया शतः शतः नमन ,जिन्होंने दूर रास्तो के पास जाना हमे सिखाया और सच्चा इंसान बनाया सच्चा इंसान बनाया ।। ।।।।।। VJ... ।। Vijay Merotha।।

सज्जन रहना सीख गया हूं..( VJ )

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VJ... स्कूल के वो दिन पुराने... दोस्ती के वो हर पल थे जो निभाने, अब दूर रहना सीख गया हूं, जब से कॉलेज आया, सज्जन रहना सीख गया हूं। हर बात को वो जोश से कहना... होश में रहकर भी प्यार में बेहोश रहना, अब कोलर नीचे रखना सीख गया हु, जब से कॉलेज आया, सज्जन रहना सीख गया हूं। गुरुजी को वो तंग करना... हर बार वो क्लास से दूर रहना, अब किताबो के साथ रहना सीख गया हूं, जब से कॉलेज आया, सज्जन रहना सीख गया हूं। रोज़ वो क्लासो में खेल खेलना... फिर गुरुजी के डांटने पर मुँह फेरना, अब सबकी सुनना सीख गया हूं, जब से कॉलेज आया, सज्जन रहना सीख गया हूं। अब सिर्फ उन्हीं दिनों के बारे में सोचना... उन्ही लम्हो को वापस खोजना, अब उन यादो को संभालना सीख गया हूं, अब सबके गिले- शिकवे भूल गया हूं जब से कॉलेज आया, सज्जन रहना सीख गया हूं... जब से कॉलेज आया, सज्जन रहना सीख गया हूं... सज्जन रहना सीख गया हूं। VJ... ||||||||||||||||| Vijay Merotha

|| माँ || ( VJ )

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VJ ... पापा की डाँट से जब रो पडूँ तो वो तेरे छूने से खिल जाना वो तेरे दिए प्यार से मुस्कुरा जाना तेरे दुलार से हमारी उन गलतियों का सुधर जाना हमारे हर दर्द पे तेरी आँखों से उन आंसुओ का बह जाना सब याद है माँ बस मुश्किल है इन सब को भुला पाना।  वो मेरी गलतियों पर तेरा समझाना वो मेरी हर चोट पे तेरा सहलाना सब याद है माँ... हमारी हर हंसी पर तेरा वो जान न्योछावर करना भरती धूप से बचाकर हमे अपने आँचल में छुपा लेना अपने हाथो से हमे खाना खिलाना सब याद है माँ बस मुश्किल है इन सब को भुला पाना। वो हमारे हर कदम पे तेरा सहारा देना हमारी मासूम आंखों को यू काजल से भर देना हमारी हर खुशी पर यू प्यार से कुछ कह देना सब याद है माँ बस मुश्किल है इन सब को भुला पाना। हमे छोड़कर न जाना मुश्किल है बिना तेरे जहान में रह पाना सब याद है माँ बस मुश्किल है इन सब को भुला पान मुश्किल है इन सब को भुला पाना। एक कवि    VJ... Vijay Merotha

हो नही सकता ( VJ )

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हो नही सकता... तुम मुझे धोखा दो हो नही सकता... मेरे दिल मे तुम हो तुम्हे खो नही सकता... हो नही सकता... तुम किसी और कि हो सोच कर रो नही सकता तुम सिर्फ मेरी हो, सिर्फ मेरी... बिन तुम्हारे रह नही सकता... तुम मुझे छोड़कर जाओ.... हो नही सकता हो नही सकता हो नही सकता।।।।। .....        VJ... ।। एक कवि ।। Vijay Merotha

मेरा पहला प्यार |VJ|

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जब से उसे देखा दिल उसी का नाम जपता था दिनभर उसी के खयाल में रहता था पता नही क्या क्या सोचता था सिर्फ और सिर्फ हँसता था ....... जब छोड़कर गयी, तो दिल उसी की याद में रोता था ..... अब जब भी उसकी याद आती है आंखे फिर से नम हो जाती है चेहरे की हँसी फिर कहि खो जाती है ...... सोच था रहूंगा हमेशा दिल के करीब ..... पर वो फिर आंखों के सामने से ओझल हो जाती है .... सिर्फ उसी कि याद आती है सिर्फ उसी कि याद आती है सिर्फ उसी कि याद आती है।।।। ।।।।एक कवि।।।। VJ...

बेटियां (VJ)...

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किसी की आँखो का तारा है बेटियां तो किसी ने गला घोंट के मारी है बेटियां, मत मारो इन्हें क्योंकि देश का सम्मान है बेटियां, भगवान की खोज है बेटियां सुबह की भौर है बेटियां बेटे तो चिराग है लकिन चिरागो को जलाती है बेटियां, दो कुलो कि आन है बेटियां देश कि शान है बेटियां घर कि मान है बेटियां सोने की खान है बेटियां, अंधेरो को भगाती है चाँदनिया मगर दो परिवारो को मिलाती है बेटियां, बंदूक तो सबके हाथ में होती है मगर हर किसी के किस्मत में नही होती है बेटियां, सब कहते है कि अरमान है बेटा हमारा मगर हर घर का अभिमान होती है बेटियां, अक्षर न हो तो वर्णमाला अधूरी है पर सबसे ज़रूरी होती है बेटियां।। बेटियाँ।।।।। ।।।।।।।एक कवि।।।।।।